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Maharashtra: स्कूल में मासिक धर्म की जांच के लिए उतरवाए गए लड़कियों के कपड़े; प्रिंसिपल सहित आठ पर मामला दर्ज

Wed, 09 Jul 2025 10:55 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे।

सार

Maharashtra: महाराष्ट्र के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 5 से 10 तक की छात्राओं के मासिक धर्म की जांच के लिए कथित तौर पर कपड़े उतरवाए गए। इस घटना के बाद अभिभावकों में आक्रोश फैल गया और स्कूल की प्रिंसिपल, शिक्षकों व अन्य स्टाफ समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपियों पर बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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छात्राएं (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में कथित तौर पर कक्षा 5 से 10 तक की छात्राओं के मासिक धर्म की जांच के लिए कपड़े उतरवाए गए। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, चार शिक्षकों सहित आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल और एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया है।
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यह घटना मंगलवार को शाहापुर कस्बे के आर. एस. दमानी स्कूल में उस समय हुई, जब स्कूल के शौचालय में खून के धब्बे पाए गए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की इस कदम ने छात्राओं के अभिभावकों में आक्रोश पैदा कर दिया। नाराज अभिभावकों ने आज स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और इस घटना में शामिल प्रबंधन और शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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एक छात्रा के अभिभावक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, कक्षा 5 से 10 तक की सभी छात्राओं को स्कूल के कन्वेंशन हॉल में बुलाया गया। वहां प्रोजेक्टर के माध्यम से शौचालय और फर्श पर मिले खून के धब्बों की तस्वीरें दिखाईं गईं और छात्राओं से पूछा गया कि क्या उन में से कोई मासिक धर्म से गुजर रही है। इसके बाद लड़कियों को दो समूहों में बांटा गया। जिन छात्राओं ने कहा कि वह मासिक धर्म से गुजर रही हैं, उनसे शिक्षकों ने अंगूठे का निशान लिया गया। लेकिन जिन्होंने कहा कि वह मासिक धर्म का सामना नहीं कर रही हैं, उन्हें एक-एक कर शौचालय में ले जाया गया, जहां एक महिला कर्मचारी ने उनकी निजी जांच की।

शिकायत के आधार पर स्कूल की प्रिंसिपल, चार शिक्षकों, महिला कर्मचारियों और दो ट्रस्टियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ठाणे ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल जाल्टे ने बताया कि जब अभिभावकों को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे स्कूल पहुंचे और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
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जाल्टे ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शाहापुर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मुकेश धागे ने कहा कि जिन आठ लोगों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें से किसी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इन आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 76 (महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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