दिल्ली सहित दुनियाभर की लड़कियां निरंतर यौन उत्पीड़न की पीड़ा झेलती हैं। इनमें सबसे अधिक नवयुवतियों को यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली ऑस्ट्रेलिया की प्लान इंटरनेशनल संस्था ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, लड़कियों का मानना है कि यौन उत्पीड़न की शिकायत का कोई बहुत मतलब नहीं है क्योंकि उन पर बहुत कम कार्रवाई की जाती है।
प्लान इंटरनेशनल ने दिल्ली, कंपाला, लीमा, मैड्रिड और सिडनी में रहने वाली 21 हजार से अधिक लड़कियों और नवयुवतियों के बयानों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें पाया गया है कि सभी पांचों शहरों में लड़के और पुरुष लड़कियों और नवयुवतियों का पीछा करते है। उन्हें जबरदस्ती छूने की कोशिश करते हैं। मौखिक अपमान करते हैं और उन्हें घूरते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में मोनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं समेत अध्ययनकर्ताओं की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों की लड़कियों और नवयुवतियों ने बताया कि यहां शोषण और उत्पीड़न के अन्य रूप आम है। वे इसे सामान्य मानती हैं। समाज और आसपास के लोग भी इस तरह के व्यवहार को छिपा लेते हैं। अधिकारी भी शायद ही कोई कार्रवाई करते हैं।