ED raids on Greenpeace India ngo office
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में पर्यावरण क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्था ग्रीनपीस के बंगलूरू स्थित परिसर पर छापेमारी की। इसके साथ ही उसने ग्रीनपीस और उसकी सहयोगी संस्थाओं के करीब दर्जन भर खातों को फ्रीज कर दिया है। बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
ग्रीनपीस इंडिया ने दी सफाई
एनजीओ ने कहा कि वह अपने खिलाफ सभी आरोपों को खारिज करती है। ईडी की कार्रवाई देश में लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की बड़ी साजिश का हिस्सा है। उसकी गतिविधियों के लिए मिलने वाले सारे फंड भारतीयों ने दिए हैं, इसमें से एक रुपया भी विदेशी नहीं है। ग्रीनपीस इंडिया अपने समर्थकों की मदद से जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ हवा और स्वच्छ भोजन का अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर काम करता है।
ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि 5 अक्टूबर को बंगलूरू में विदेशी विनियम प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत तलाशी ली गई। बता दें कि सितबंर 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रीनपीस इंडिया का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस रद्द कर दिया था। ग्रीनपीस इंडिया पर सरकार ने आरोप लगाया था कि एनजीओ की गतिविधियां भारत सरकार के हितों के खिलाफ थीं।