मुंबई के घाटकोपर में आई आंधी ने कई परिवारों को अंदर से तोड़ दिया है। दरअसल, एक दिन पहले आई आंधी के कारण घाटकोपर में एक बिलबोर्ड गिर गया था। कई लोग बिलबोर्ड की चपेट में आ गए। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 75 लोग घायल हो गए। एक मृतक को तो कुछ माह पहले ही उसी पेट्रोल पंप पर नौकरी मिली थी, जहां कल उसकी मौत हुई। पढ़ें कुछ परिवारों का दर्द
भाई ने आगे बताया कि हम लोग तुरंत घाटकोपर आए। वहां पुलिस और अधिकारी पीड़ितों को निकाल रहे थे। हमें पता चला कि कुछ लोगों को अस्पताल ले जाया गया है, हम अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि अकरम की मौत हो गई है। अगले दिन शव लेने आने के लिए हमें कहा गया। हम आज शव घर लेकर आए।
घटना में एक और परिवार का साया उठा
वहीं, एक अन्य टैक्सी चालक सतीश सिंह भी इसी घटना में मारे गए। उनके परिजन ने बताया कि सिंह ने नालासोपारा से यात्रियों को बिठाया था और उन्हें कुर्ला छोड़ा था। इसके बाद सिंह भी सीएनजी भरवाने घाटकोपर पहुंचे। देर रात तक वह घर नहीं आए तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने फोन किया पर कॉल नहीं उठा। राज 1.30 बजे वे घाटकोपर पहुंचे तो वहां पुलिस टैक्सी ने सिंह का शव बाहर निकाल रहे थे। राजवाड़ी अस्पताल में सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। परिवार में तीन बच्चे और पत्नी थीं।
पुणे शहर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई की गई: पुणे नगर निगम
बिलबोर्ड गिरने के मामले में पुणे नगर निगम ने कहा कि पुणे शहर में 1,500 से अधिक अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। निगम आयुक्त राजेंद्र भोसले ने बताया कि शहर में 1,564 अवैध अस्थायी होर्डिंग और पोस्टर थे। हमने उनके खिलाफ कार्रवाई की। पीएमसी सीमा में 2,598 कानूनी होर्डिंग्स में से 2,300 का ऑडिट पूरा हो चुका है। उनमें से कोई भी संरचनात्मक रूप से अस्थिर नहीं है।