जर्मन राजदूत ने यूक्रेन संकट पर भारत के रुख का बचाव किया है लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि हम सबको रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ खड़े होना होगा और उनसे यह सब रोकने के लिए कहना होगा।
भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने रविवार को भारत की राजनयिक सेवा की सराहना की और कहा कि उन्हें पता है कि क्या करना चाहिए। उन्होंने यह बात रूस-यूक्रेन संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के रुख को लेकर यह बात कही। वाल्टर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था को देखते हुए भारत के राजनयिक इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं कि इस मुद्दे पर भारत के रुख को लेकर क्या करना चाहिए।
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समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक संकट में बदल चुके इस मामले पर भारत के रुख को यूरोपीय संघ (ईयू) किस तरह देखता है, इसे लेकर उन्होंने कहा, 'भारत की राजनयिक सेवा शानदार है, उन्हें पता है कि क्या करना है। यह यूक्रेन या ईयू या नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के बारे में नहीं है... यह वैश्विक व्यवस्था के बारे में है... हम सबको इसके खिलाफ एक साथ खड़े होना होगा ।'
बुधवार को यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई के विरोध में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में एक प्रस्ताव पर मतदान हुआ था। भारत समेत 34 देशों ने इस दौरान मतदान नहीं किया था। वहीं, इससे पहले यूएनजीए में यूक्रेन संकट पर विशेष आपातकालीन सत्र का आयोजन करने के लिए प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भी रूस के खिलाफ किए गए मतदान में भी भारत ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी थी।