फिलिप एकरमैन का यह वीडियो उनके ऑफिस के बाहर शूट किया गया है। नई कार को लेकर एकरमैन ने कहा कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बहुत बढ़ता है, इसे कम करने में योगदान देने के लिए उन्होंने इलेक्ट्रिक कार में स्विच किया।
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को काफी ज्यादा पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह भारतीय संस्कृति में दिलचस्पी रखते हैं। दरअसल, जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने अपने ऑफिस के लिए एक नई इलेक्ट्रिक कार ली है। इस कार में बैठने से पहले उन्होंने भारतीय रीति-रिवाज के अनुसार कार में नींबू-मिर्ची बांधी और फिर नारियल फोड़ा। भारत में यह माना जाता है कि ऐसा करने से बुरी से सुरक्षा होती है।
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फिलिप एकरमैन का यह वीडियो उनके ऑफिस के बाहर शूट किया गया है। नई कार को लेकर एकरमैन ने कहा कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बहुत बढ़ता है, इसे कम करने में योगदान देने के लिए उन्होंने इलेक्ट्रिक कार में स्विच किया। उन्होंने कहा, "जर्मनी और भारत आपसी साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। इसे विकास के लिए साझेदारी समझौता कहा जाता है। सर्दियों के समय यहां प्रदुषण बहुत होता है और मुझे ऐसा लगता है कि इसे कम करने में हम सभी को योगदान देना चाहिए। मैं इलेक्ट्रिक वाहन लेना चाहता था। कुछ समय बाद मेरे कार्यालय ने बताया कि हमें एक इलेक्ट्रिक कार मिलेगी। इससे प्रदुषण कम होगा। यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।"
#WATCH | Delhi: German Ambassador to India, Philipp Ackermann switches to EV (electric vehicle); ties 'nimbu-mirchi' to his car and smashes a coconut on the occasion. pic.twitter.com/OojZh4Nvx3
एफईबीआई के लॉन्च पर जताई खुशी
इससे पहले 12 अक्तूबर को भारत में फेडरेशन ऑफ यूरोपीयन बिजनेस (एफईबीआई) के लॉन्च पर एकरमैन ने खुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि यह संगठन भारत और यूरोप के बीच मुफ्त व्यापार समझौता को आगे बढ़ाएगा। मीडिया से बात करते हुए एकरमैन ने कहा कि दिल्ली में एफईबीआई की लॉन्चिंग एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यूरोप भारतीय बिजनेस इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है। मुझे लगता है कि एफईबीआई बहुत ही दिलचस्प नेटवर्क है।" एकरमैन ने बताया कि यह एक ऐसा नेटवर्क है जिसमें यूरोप की सौ से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं।