भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात ड्रग तस्कर और भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को बीते दिनों तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद अब उसे भारत को प्रत्यर्पित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के बाद हुई है। मंगलवार तड़के एक विशेष विमान से उसे दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां भारतीय खुफिया एजेंसियों ने उसे हिरासत में लिया। अब उससे दिल्ली में पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच के लिए उसे मुंबई स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंपा जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में ड्रग माफिया और कार्टेल को पूरी तरह खत्म करने का मिशन चल रहा है। इसके लिए भारत की एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत नेटवर्क के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब ड्रग तस्करों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, कानून से बचना मुश्किल होगा।
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पिछले कुछ महीनों की कार्रवाई में टूटी कमर
मुंबई में जन्मा सलीम कैसे बना दाऊद का गुर्गा?
सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ था। शुरुआत में वह छोटे अपराधों और अवैध कारोबार से जुड़ा, लेकिन बाद में वह दाऊद इब्राहिम के करीबी छोटा शकील के संपर्क में आया और बड़े ड्रग नेटवर्क का हिस्सा बन गया। उसने पहले गुटखा और फिर गांजे की तस्करी शुरू की थी। 2012 में उसे एनसीबी ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह रिहा हो गया। इसके बाद उसने सिंथेटिक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें फेंटानिल आधारित नशीले पदार्थ शामिल थे।