Ganga Samvad Yatra: गोविंदाचार्य ने कहा कि गंगा केवल जलनिकाय नहीं है, बल्कि जैसे प्रभु श्रीराम भारत की अस्मिता की पहचान हैं, वैसे ही गंगा भारत की प्राण है। यह यात्रा संवाद के साथ संयम यात्रा भी है, संबंध यात्रा भी है...
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संरक्षक केएन गोविंदाचार्य की अगुवाई में मंगलवार को गंगा संवाद यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा घाट नरौरा में गंगा पूजन और कलश स्थापना के साथ आरंभ हुई। घाट पर औषधीय गुणों से भरपूर पवित्र रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया गया। इस अवसर पर गोविंदाचार्य ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं है, यह एक जीवित निकाय है जिसकी शरण स्थली में अनगिनत प्राणी अपना जीवन चक्र पूरा करते हैं। आज भी इसकी गोद में करोड़ों भारतीय अपना जीवन गुजार रहे हैं।
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लेकिन प्रदूषण के कारण आज गंगा का जीवन संकट में पड़ गया है, जिसे बचाना जरूरी है। क्योंकि ऐसा न करने से करोड़ों लोगों और अनगिनत जीवों के जीवन पर अस्तित्व का संकट मंडरा सकता है, जिसे बचाना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ यह समाज के लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे गंगा को प्रदूषण से बचाएं और इसका प्रवाह अविरल रखने में मदद करें।
गोविंदाचार्य ने कहा कि गंगा केवल जलनिकाय नहीं है, बल्कि जैसे प्रभु श्रीराम भारत की अस्मिता की पहचान हैं, वैसे ही गंगा भारत की प्राण है। यह यात्रा संवाद के साथ संयम यात्रा भी है, संबंध यात्रा भी है। अगर गंगा से मां का नाता है, तो पुत्र का कर्तव्य भी समझना होगा। भारत संबंधों का समाज है, कोरोना महामारी ने यह सिखाया है कि धन, मकान, जमीन महत्वहीन है, संबंधों का आदर और पहचान जरूरी है।
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय कार्यकारी संयोजक सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि नदी में प्रदूषण में वृद्धि के लिए संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार और जिलाधिकारी को जवाबदेह बनाना चाहिए, इस कार्य में विफल रहने पर उनकी बर्खास्तगी का नियम हो। उन्होंने कहा कि यात्रा के आऱंभ में ही जानकारी में आया है कि गंगा सफाई के लिए दोषी 16 नाकारा अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है।
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय सह-संयोजक जगदीश ममगाईं ने बताया कि बुलंदशहर में मंगलवार को लगभग 6 किमी लंबी यात्रा डिबाई तहसील के आयुष्मान फार्म हाउस से दीनदयाल चौक होती हुई घाट नरौरा में गंगा आरती के साथ पहले दिन की यात्रा समाप्त हुई। दूसरे दिन की यात्रा गांधी घाट नरोरा से आरंभ होगी और संभल के दफ्तर में पहुंचकर समाप्त होगी।