संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को गांधी शांति पुरस्कारों को एलान कर दिया। वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को प्रदान किया जाएगा। वे बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति व बाद में प्रधानमंत्री भी रहे। 15 अगस्त 1975 को ढाका में उनकी हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2019 का यह पुरस्कार ओमान के दिवंगत सुल्तान काबूस बिन अल सैद को दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने मुजीब को बताया महानतम नेता
पीएम मोदी ने कहा कि गांधी शांति पुरस्कार 2020 को हमारे उपमहाद्वीप के महानतम नेताओं में से एक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को दिया गया है। वर्ष 2020 में बंगबंधु की जन्म शताब्दी को चिह्नित किया गया। वह अपने लाखों प्रशंसकों के लिए अदम्य साहस और अथक संघर्ष के प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने कहा कि गांधी शांति पुरस्कार 2019 से ओमान के पूर्व सुल्तान काबूस बिन अल सैद को सम्मानित किया जा रहा है, जिनका क्षेत्र में शांति और समृद्धि में बड़ा योगदान है।
गांधी शांति पुरस्कार, वर्ष 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया एक वार्षिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ से परे सभी व्यक्तियों के लिए है। इस पुरस्कार से संबंधित जूरी की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की और भारत के प्रधान न्यायाधीश एवं लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता इसके दो पदेन सदस्य होते हैं। इस जूरी की 19 मार्च, 2021 को हुई एक बैठक में उपयुक्त विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस पुरस्कार के लिए बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान और ओमान के लंबे समय तक शासक रहे सुल्तान काबूस को चुने जाने का निर्णय लिया गया।
मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2019 का गांधी शांति पुरस्कार भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने और खाड़ी क्षेत्र में शांति तथा अहिंसा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए ओमान के (दिवंगत) सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद को प्रदान किया जा रहा है।