मोदी कैबिनेट ने हाल ही में 10 हजार करोड़ की महत्वकांक्षी गगनयान परियोजना को मंजूरी दी है। इस मिशन के तहत तीन भारतीयों को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इस मिशन के सफल होने पर भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इस परियोजना में मदद के लिए भारत ने पहले ही रूस और फ्रांस के साथ करार किया है। अभी तक रूस, अमेरिका और चीन ही ऐसे देश हैं जिन्होंने मानव को अंतरिक्ष में भेजा है।
इसरो के लिए बड़ी चुनौती
इस मिशन को साल 2022 तक पूरा करना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसरो को मियाद (2022) में काम पूरा करने के लिए पूरी तत्परता के साथ काम करना होगा। इस काम के लिए करीब 40 महीनों का ही समय है। इतने कम समय में काम को पूरा कर पाना इसरो के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।