एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले के संबंध में महाराष्ट्र पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता कैलाश रामचंदानी को गिरफ्तार किया है। इस हमले में 15 कमांडो शहीद हो गए थे जबकि एक नागरिक भी मारा गया था। गिरफ्तारी पर पार्टी का कहना है कि वह कैलाश के खिलाफ कार्रवाई करेगी और उसे निकाल देगी।
एनसीपी के गढ़चिरौली जिलाध्यक्ष रविंद्र वासेकर ने पार्टी नेता कैलाश रामचंदानी की गिरफ्तारी पर कहा, 'वह शुरुआत में पार्टी में था। वर्तमान में उसके पास कोई पद नहीं था। आखिरी बार उसके पास कुरखेड़ा तहसील के अध्यक्ष का पद था। उसे मार्च में निष्क्रियता के आधार पर इस पद से हटाया गया था। पार्टी कार्रवाई करेगी और उसे निष्कासित करेगी।'
गढ़चिरौली के कुर्कहेड़ा निवासी कैलाश को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी टॉप नक्सली कमांडर नर्मदक्का और उसके पति किरण कुमार के बाद हुई। जिनसे रामचंदानी के साथ उनके संबंधों के बारे में पता चला। पुलिस ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में मामले की जांच की और रामचंदानी को गढ़चिरौली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बता दें कि गढ़चिरौली में नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट किया था जिसमें 15 जवानों सहित 16 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया था कि विस्फोट से पहले नक्सलियों ने एक सड़क निर्माण ठेकेदार के 25 वाहनों को जला दिया था।
उन्होंने बताया था कि मरने वालों में गढ़चिरौली सी-60 कमांडों की टीम के सदस्य शामिल थे जो वाहन जलाए जाने वाली जगह का निरीक्षण करने के लिए जा रहे थे। तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उनपर हमला कर दिया।
क्या होते हैं सी-60 कमांडो
नक्सली खतरों के मद्देनजर साल 1992 में सी-60 फोर्स तैयार की गई थी। इसमें पुलिस के 60 जवान शामिल होते हैं। इस फोर्स में शामिल पुलिसवालों को गुरिल्ला युद्ध के लिए भी तैयार किया जाता है। इन्हें हैदराबाद, बिहार और नागपुर में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस फोर्स को महाराष्ट्र की सर्वश्रेष्ठ फोर्स माना जाता है।
खुफिया जानकारी के आधार पर यह फोर्स आसपास के क्षेत्रों मे ऑपरेशन को अंजाम देती है। इस फोर्स के जवान अपने साथ लगभग 15 किलो का भार लेकर चलते हैं। जिसमें हथियारों के अलावा, खाना, पानी, फर्स्ट ऐड और अन्य सामान होता है।