पर्यावरणीय एक्शन के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से समग्र रूप से निपटने की जरूरत है। जापान के साप्पोरो में जी7 की बैठक में भारत ने ये बातें कही। जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण के मुद्दे पर यह बैठक हो रही थी। जी7 की मंत्रियों की एक बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत में सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें व्यक्तिगत के साथ ही समुदाय की कोशिशों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार का मिशन LiFE
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिशन LiFE के तहत लोगों को जागरुक किया जा रहा है ताकि समुदाय के व्यवहार का पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़े और जलवायु परिवर्तन के असर को कम किया जा सके। भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बीते साल lIFE मिशन लॉन्च किया था ताकि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर लोगों को जागरुक किया जाए कि प्राकृतिक संसाधनों को समझदारी से इस्तेमाल किया जाए।
जलवायु परिवर्तन मानवता के लिए गंभीर चुनौती
उन्होंने कहा कि अपने इकोसिस्टम की सुरक्षा और उसे फिर से बहाल करने से जलवायु परिवर्तन के असर को कम किया जा सकता है। यही वजह है कि हम पर्यावरणीय कार्रवाई से जलवायु परिवर्तन से निपटने पर जोर दे रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, मरुस्थल का बढ़ना और जैव विविधता का नुकसान गहरे तौर पर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। रियो सम्मेलन से इन चुनौतियों से निपटने में खासी प्रगति हुई है।
भारत ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं और महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। भूपेंद्र यादव ने कहा कि हर देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जिम्मेदारी उठाए लेकिन विकसित देश इस दिशा में ज्यादा भार वहन करने की जरूरत है क्योंकि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में उनकी ज्यादा भूमिका है। उन्हें उम्मीद है कि जी7 देश जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े कदम उठाएंगे क्योंकि हमारे पास एक ही पृथ्वी है और हम एक परिवार है, जिनका एक ही भविष्य है। बता दें कि जी7 देशों में कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं।