भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अश्वगंधा के उपयोग को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि अश्वगंधा का उपयोग केवल तय नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है।
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एफएसएसएआई ने बताया कि स्वास्थ्य पूरक, पोषण संबंधी औषधीय उत्पाद (विशेष आहार उपयोग वाले खाद्य पदार्थ और विशेष चिकित्सा उपयोग वाले खाद्य पदार्थ) के लिए पहले से मानक तय हैं। ये सभी नियम वर्ष 2016 के खाद्य सुरक्षा और मानक (स्वास्थ्य पूरक, न्यूट्रास्यूटिकल्स, विशेष आहार उपयोग, विशेष चिकित्सा उपयोग और संबंधित उत्पाद) विनियमों के अंतर्गत आते हैं।
बिंदुओं में जानिए, एफएसएसएआई ने क्या कहा?
■ केवल नियमों के अनुसार अश्वगंधा की जड़ें और उनके अर्क के उपयोग की अनुमति दी गई है।
■ एफएसएसएआई की अनुसूची-4 में तय सीमा के भीतर ही इसका उपयोग किया जा सकता है।
■ कुछ निर्माता नियमों के खिलाफ अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रहे हैं।
■ अश्वगंधा की पत्तियों का किसी भी रूप में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, चाहे कच्चा हो या अर्क।
■ नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित
इन नियमों की अनुसूची-4 में केवल अश्वगंधा की जड़ें और उनके अर्क (सार) के उपयोग की अनुमति दी गई है, वह भी तय सीमाओं के भीतर। एफएसएसएआई ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि कुछ निर्माता अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इस पर स्पष्ट किया गया है कि अश्वगंधा की पत्तियों का किसी भी रूप में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, चाहे अपरिष्कृत (कच्चा) हो या अर्क।
सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए
इसके अलावा, आयुष मंत्रालय ने भी 15 अप्रैल 2026 के पत्र में निर्देश दिया है कि केवल अश्वगंधा की जड़ों और उनके अर्क का ही उपयोग किया जाए, पत्तियों का नहीं। एफएसएसएआई ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) को सख्त निर्देश दिया है कि वे इन नियमों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी तरह की लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और क्षेत्रीय निदेशकों को निगरानी बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। एफएसएसएआई ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।