सार
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने जून में 2,544 निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन पर 133 दवा लाइसेंस निलंबित और 20 रद्द किए। 41 दवाएं खराब गुणवत्ता की पाई गईं। इसके साथ ही 40 लाख रुपये की दवाएं बाजार से भी जब्त की गईं।
कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभान ने नियमों के उल्लंघन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत विभाग ने जून महीने में बड़ी कार्रवाई करते हुए 133 दवा लाइसेंस निलंबित और 20 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह कदम उन दुकानों और कंपनियों पर उठाया गया जिन्होंने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के नियमों का उल्लंघन किया था।
बात अगर अब जांच के दौरान सामने आने वाली बातों की करें तो विभाग की ओर से जून में कुल 2,544 निरीक्षण किए गए। बंगलूरू, हुब्बली और बल्लारी की सरकारी लैब्स में 1,333 दवाओं के सैंपल की जांच की गई। इनमें से 1,292 सैंपल सही पाए गए, जबकि 41 सैंपल खराब गुणवत्ता के निकले। इसके बाद खराब दवाएं, जिनकी कीमत ₹40 लाख से ज्यादा थी, बाजार से वापस मंगवाकर जब्त कर ली गई हैं।
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अप्रैल से जून तक कोर्ट में 81 केस दर्ज
बता दें कि बीते तीन महीनों में विभाग ने नियम तोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ 81 मुकदमे अदालतों में दायर किए हैं। इसके लिए राज्यभर में 122 ब्लड सेंटर्स की जांच की गई। 44 सेंटर्स को नोटिस जारी किया गया और 80 सेंटर्स को सुधार के निर्देश दिए गए।
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स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर कार्रवाई
मामले में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत जून में 1,557 स्ट्रीट फूड वेंडर्स की जांच की गई। नियम उल्लंघन पर 406 दुकानों को नोटिस दिए गए और मौके पर ही ₹44,500 का जुर्माना लगाया गया। इसको लेकर विभाग ने साफ किया कि यह कार्रवाई जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है और आगे भी ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे।