कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। 1 मई यानी मजदूर दिवस के मौके पर रेल मंत्रालय द्वारा स्पेशल श्रमिक ट्रेन शुरू की गईं। सरकार अब इन्हीं रास्तों से दूसरे शहरों में फंसे छात्रों, पर्यटकों और अन्य लोगों को भी उनके घर तक पहुंचाएगी।
इस बीच लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इन स्पेशल ट्रेनों से वो कैसे जा सकते हैं? टिकट कैसे मिलेगी? स्टेशन तक कैसे पहुंचा जाएगा? क्या कहीं रजिस्ट्रेशन करवाना होगा? दरअसल, इन ट्रेनों में सिर्फ वही व्यक्ति सफर करेगा, जिसे राज्य सरकार अनुमती देगी।
केंद्र सरकार के हामी भरने के बाद लॉकडाउन में पहली ट्रेन तेलंगाना से झारखंड के लिए खुली। इस ट्रेन में करीब 1200 प्रवासी मजदूर सवार थे, जो हटिया गए। इतना ही नहीं, शुक्रवार को अलग-अलग रूट पर कुल छह स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इस लिस्ट में हैदराबाद के लिंगमपल्ली से झारखंड के हटिया, महाराष्ट्र के नाशिक से मध्यप्रदेश के भोपाल, अलुवा से भुवनेश्वर, नाशिक से लखनऊ, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया रूट शामिल हैं। रेलवे और राज्य सरकारें इन श्रमिक स्पेशल ट्रेन के समन्वय और सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी।