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अगले सप्ताह से दिल्ली में कोविड-19 की जांच में आएगी तेजी, बढ़ सकती है संक्रमितों की संख्या

Thu, 16 Apr 2020 11:34 PM IST
श्रीधर मिश्रा अमित शर्मा, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एनएनजेपी समेत कई अस्पतालों में आ रही है व्यवहारिक दिक्कतें
दो दिन पहले कई संक्रमित की संभावना वाले मरीज आए, बुधवार को कम रही 
संख्या
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कोरोना वायरस की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के नए मामलों में दिल्ली में पिछले दो दिनों में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को कोरोना पॉजिटिव लोगों के 356 नए मामलों का पता चला था, जबकि मंगलवार को नए केसों की संख्या 51 और बुधवार को केवल 17 रह गई है। लेकिन आपरेशन कोविड-19 से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसे अभी किसी अच्छे संकेत के रूप में देखना सही नहीं होगा। एलएनजेपी अस्पताल के एक डॉक्टर का कहना है कि अभी जिस वाल्यूम में टेस्ट होना चाहिए, नहीं हो पा रहा है। टेस्ट किट की नई खेप आने के बाद ही इसमें और तेजी आएगी।

टेस्टिंग में हुई बढ़ोतरी संक्रमित घटे

दिल्ली सरकार ने गत शुक्रवार से कोरोना टेस्टिंग की क्षमता में वृद्धि की थी। बुधवार तक सरकारी अस्पतालों में 13623, प्राइवेट अस्पतालों में 2982 टेस्ट और कुल 16605 टेस्ट किए जा चुके हैं। जो परिणाम मिले उनमें बुधवार को 17 नए मरीज जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या 1578 हो गई। हालांकि इनमें से कुछ लोगों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। मंगलवार तक दिल्ली में 16282 टेस्ट हुए (सरकारी अस्पतालों में 13406 प्राइवेट अस्पतालों में 2876 टेस्ट)। इनमें पिछड़े आंकड़े को मिलाकर कुल पाजिटिव मरीजों की संख्या 1561 तक पहुंच गई। इससे पहले सोमवार तक 12513 टेस्ट सरकारी और 2519 प्राइवेट अस्पतालों में हुए थे। कुल 15032 टेस्ट में पिछले संक्रमण की पुष्टि वाले संक्रमितों सहित कुल कोरोना पॉजिटिव की संख्या 1510 हो गई थी।  यानी सोमवार से मंगलवार के बीच में 51 नए कोरोना के पाजिटिव सामने आए। जबकि मंगलवार से बुधवार के बीच में यह संख्या 17 रही।

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पैरा मेडिकल स्टाफ की भी बढ़ रही पीड़ा

एलएनजेपी के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि पिछले दिनों बड़ी संख्या में संक्रमित आए। इसके चलते कोविड-19 के संक्रमण को लेकर बने प्रोटोकॉल का पालन होने में काफी दिक्कतें आई। जिस तरह से संक्रमित की संभावना वाले लोग आए, उस हिसाब से अस्पताल की व्यवस्था ही तैयार नहीं थी। सूत्र का कहना है कि दो बड़ी परेशानी आई, पहली तो यह कि महामारी होने के कारण किसी को वापस नहीं भेजा जा सकता। दूसरा स्टाफ को संक्रमित होने से बचाने के सारे उपाय करने हैं। क्योंकि गंगाराम जैसे अस्पताल में कोविड-19 का इलाज करने वाला चिकित्सकों का दल भी संक्रमित हो चुका है। इसी तरह से पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए दिन काफी थकान, तनाव, परेशानी भरे रह रहे हैं। सूत्र का कहना है कि डा. जेसी पासी को समस्याओं से अवगत करा दिया है, वह उन्हें दूर कराने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

एलएनजेपी अस्पताल के पूर्व एमएस डॉ. किशोर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि राजधानी में संक्रमण की टेस्टिंग में बढ़ोतरी की गई है। इसके कारण काफी अधिक संख्या में कोरोना पॉजिटिव लोग सामने आए, लेकिन लगातार टेस्टिंग से अब कम लोग सामने आ रहे हैं। हालांकि किशोर सिंह का मानना है कि टेस्ट की क्षमता में अधिक बढ़ोतरी होने पर संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है। डॉ. सिंह ने सोशल डिस्टेंसिंग को कोविड- 19 का संक्रमण रोकने का कारगर उपाय बताया है। उनका कहना है कि यदि जनता सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करती रही तो जल्द ही अच्छे नतीजे आ सकते हैं।
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हॉट स्पॉट क्षेत्र में आपरेशन सील

दिल्ली सरकार ने केंद्र से कोरोना जांच किट की मांग की है। सरकार के प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि केंद्र से उन्हें जल्दी ही नई किट्स उपलब्ध करा दी जाएंगी। दिल्ली सरकार को सबसे ज्यादा उम्मीद हॉट स्पॉट जोन में ऑपरेशन सील चलाने से मिल रही है। सरकार का दावा है कि दिलशाद गार्डेन, वसुंधरा इन्क्लेव और खिचड़ीपुर के हॉट स्पॉट एरिया से नए कोरोना के मामले पहले की तुलना में कम मिल रहे हैं। इस समय दिल्ली में 57 केंद्रों को हॉट स्पॉट बनाया गया है और कोविड-19 संक्रमण से बचाने के लिए बनी समिति के चेयमरमैन डॉ. एस के सरीन लगातार रणनीति बनाने में जुटे हैं।
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