एक बार फिर से लोकपाल के मुद्दे को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल करने वाले हैं। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती से वह अपनी भूख हड़ताल की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि लोकपाल आंदोलन की वजह से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र में सरकार बनाई है। लेकिन अब वह इसी मुद्दे पर टालमटोल का रवैया अपना रही है।
हजारे ने कहा कि वह 2 अक्टूबर से भूख हड़ताल करने के फैसले पर अटल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को गुरुवार को खत लिखा। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों से सरकार ने लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति पर टाल-मटोल वाला रवैया अख्तियार किया हुआ है। खत में उन्होंने लिखा, ‘लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए 16 अगस्त, 2011 को पूरा देश सड़कों पर उतर गया था। आपकी सरकार इसी आंदोलन की वजह से सत्ता में आई।’
खत में
अन्ना हजारे ने आगे कहा, ‘चार साल बीत गए लेकिन सरकार किसी न किसी वजह से लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति टालती रही।’ बता दें कि हजारे ने इससे पहले घोषणा करते हुए बताया था कि वह 2 अक्टूबर से रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से वह आत्महत्या कर रहे हैं।