बता दें कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जुलाई में चिकित्सा संस्थानों की रेटिंग का आकलन करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
आगामी शिक्षण सत्र अर्थात 2024-25 से सभी मेडिकल कॉलेजों की मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर रेटिंग की जाएगी। इस बाबत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने मंगलवार को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल सरकारी मेडिकल कॉलेज ही राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भाग लेते हैं।
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बता दें कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जुलाई में चिकित्सा संस्थानों की रेटिंग का आकलन करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने कहा कि यह पहली बार है कि कई मापदंडों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों का मूल्यांकन और रैंकिंग की जाएगी। इस पहल से जवाबदेही आएगी और उच्च मानकों का पालन होगा और छात्रों को सही मेडिकल कॉलेज चुनने में मदद मिलेगी।
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बता दें कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड नए मेडिकल कॉलेजों के लिए अनुमति देता है। इसके अलावा यह बोर्ड एमबीबीएस/पीजी/सुपर-स्पेशियलिटी सीटों में बढ़ोतरी और मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के लिए अनुमति आदि के लिए जिम्मेदार है।