मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में जोमी और हमार जनजातियों में मंगलवार को बंद समाप्त करने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद फिर से हिंसा भड़क उठी। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किए। इसमें कई लोगों के घायल हो गए। इस दौरान गोलीबारी भी हुई।भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों से कानून हाथ में नहीं लेने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
घटना के संबंध में बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि यह संघर्ष मंगलवार रात चुराचांदपुर शहर में हुआ, ठीक कुछ घंटों बाद जब दोनों समुदायों के सर्वोच्च निकायों के बीच शांति समझौता हुआ था। ताजे संघर्ष की शुरुआत तब हुई, जब कुछ लोगों ने शहर में जोमी उग्रवादी संगठन का झंडा उतारने की कोशिश की। इसके बाद, हथियारों और लाठियों से लैस भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा कर्मियों को आंसू गैस के गोले और हवा में कई राउंड फायर करने पड़े। सूत्रों के मुताबिक, भीड़ ने कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, जबकि कुछ लोगों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पक्षों पर गोलीबारी भी की। लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जोमी-हमार संघर्ष के मद्देनजर जिले भर में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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छात्र संगठन ने किया तत्काल हड़ताल का आह्वान
जिला प्रशासन ने की सहयोग की अपील
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने एक सार्वजनिक अपील जारी करते हुए चुराचांदपुर के निवासियों से सभी हिंसक गतिविधियों को बंद करने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। जिला मजिस्ट्रेट धारुन कुमार एस ने एक बयान में कहा, संघर्ष ने दोनों पक्षों पर गंभीर संकट और पीड़ा पैदा की है। हमले की घटनाएं सामने आई हैं और शांति बहाल करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा से बचने की अपील करते हुए कहा, कोई भी व्यक्ति या समूह कानून को अपने हाथों में नहीं ले सकता और इस प्रकार की कार्रवाई को कड़ी कानूनी सजा दी जाएगी। उन्होंने सभी से अधिकारियों के साथ सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को देने का आग्रह किया और समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे जिले के प्रशासन और कानून प्रवर्तन से शांति से समस्याओं का समाधान करने के लिए संवाद करें।