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मणिपुर में चुराचांदपुर में पत्थरबाजी: जोमी और हमार समुदाय के बीच टकराव; जिला अस्पताल पर भीड़ का हमला, कई घायल

Wed, 19 Mar 2025 08:16 PM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल

सार

मणिपुर में चुराचांदपुर में ताजा तनाव के बाद जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जिले में तत्काल प्रभाव से हड़ताल का आह्वान किया। छात्र संघ ने एक बयान में कहा कि चुराचांदपुर की संवेदनशील स्थिति के मद्देनजर आपातकालीन हड़ताल आवश्यक हो गई है। 
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मणिपुर में सुरक्षा बल - फोटो : PTI
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विस्तार
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मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में जोमी और हमार जनजातियों में मंगलवार को बंद समाप्त करने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद फिर से हिंसा भड़क उठी। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किए। इसमें कई लोगों के घायल हो गए। इस दौरान गोलीबारी भी हुई।भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों से कानून हाथ में नहीं लेने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

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जिला अस्पताल में भीड़ का हमला, मरीजों में दहशत
इस बीच, मंगलवार रात को भीड़ ने चुराचांदपुर जिला अस्पताल में हमला बोल दिया। गुस्साई भीड़ ने अस्पताल परिसर में जम हंगामा किया। इससे अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों में दहशत फैल गई। अस्पताल की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक भीड़ रात करीब 9 बजे अस्पताल परिसर में घुसी और मेडिकल कर्मचारियों को धमकाते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली को बाधित किया। रात करीब 11 बजे जब सुरक्षा बल अस्पताल पहुंचे तब जाकर हालात सुधरे। हिंसा के बाद अस्पताल को फिर से काम करने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि कई कर्मचारी डर और अविश्वास के वातावरण के कारण ड्यूटी पर वापस नहीं आ पा रहे हैं। हमले के बाद बुधवार को निर्धारित सभी सर्जिकल ऑपरेशनों को ओटी कर्मचारियों और तकनीशियनों की अनुपस्थिति के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि अस्पताल के वार्ड और ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। अस्पताल प्राधिकरण ने शहर के निवासियों से अस्पतालों की पवित्रता बनाए रखने और अस्पताल के आसपास हिंसा की घटनाओं से बचने की अपील की है।

घटना के संबंध में बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि यह संघर्ष मंगलवार रात चुराचांदपुर शहर में हुआ, ठीक कुछ घंटों बाद जब दोनों समुदायों के सर्वोच्च निकायों के बीच शांति समझौता हुआ था। ताजे संघर्ष की शुरुआत तब हुई, जब कुछ लोगों ने शहर में जोमी उग्रवादी संगठन का झंडा उतारने की कोशिश की। इसके बाद, हथियारों और लाठियों से लैस भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा कर्मियों को आंसू गैस के गोले और हवा में कई राउंड फायर करने पड़े। सूत्रों के मुताबिक, भीड़ ने कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, जबकि कुछ लोगों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पक्षों पर गोलीबारी भी की। लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जोमी-हमार संघर्ष के मद्देनजर जिले भर में कर्फ्यू लगा हुआ है।

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छात्र संगठन ने किया तत्काल हड़ताल का आह्वान

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घटना के बाद जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जिले में तत्काल प्रभाव से हड़ताल का आह्वान किया। छात्र संघ ने एक बयान में कहा कि चुराचांदपुर की संवेदनशील स्थिति के मद्देनजर आपातकालीन हड़ताल आवश्यक हो गई है। सभी सामान्य गतिविधियां निलंबित रहेंगी। लोगों से घरों में रहने की अपील करते हुए, उसने सभी शैक्षिक और व्यापारिक संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन ने की सहयोग की अपील
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने एक सार्वजनिक अपील जारी करते हुए चुराचांदपुर के निवासियों से सभी हिंसक गतिविधियों को बंद करने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। जिला मजिस्ट्रेट धारुन कुमार एस ने एक बयान में कहा, संघर्ष ने दोनों पक्षों पर गंभीर संकट और पीड़ा पैदा की है। हमले की घटनाएं सामने आई हैं और शांति बहाल करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा से बचने की अपील करते हुए कहा, कोई भी व्यक्ति या समूह कानून को अपने हाथों में नहीं ले सकता और इस प्रकार की कार्रवाई को कड़ी कानूनी सजा दी जाएगी। उन्होंने सभी से अधिकारियों के साथ सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को देने का आग्रह किया और समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे जिले के प्रशासन और कानून प्रवर्तन से शांति से समस्याओं का समाधान करने के लिए संवाद करें।

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