केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी वीणा की स्वामित्व वाली कंपनी के खिलाफ आरोपों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। नेता प्रतिपक्ष सतीसन ने कहा कि क्या कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई जांच सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच एक राजनीतिक समझौते का हिस्सा थी।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी वीणा की स्वामित्व वाली कंपनी के खिलाफ आरोपों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्षी कांग्रेस ने गुरुवार को अवैध लेनदेन के बारे में नए आरोपों की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने सीएम की बेटी की बंद हो चुकी आईटी कंपनी से जुड़े आरोपों की सीबीआई या ईडी से जांच कराने की मांग की है। कंपनी रजिस्ट्रार(आरओसी) द्वारा कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट किए गए निष्कर्षों के मद्देनजर आया है।
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सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच गुप्त समझौते- कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष सतीसन ने कहा कि क्या कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई जांच सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच एक राजनीतिक समझौते का हिस्सा थी। हालांकि भाजपा ने इस बात को नकार दिया है और कहा कि दोषियों को सजा दी जाएगी। सीएम की बेटी के खिलाफ विरोध तेज होने पर सीपीआई(एम) ने कहा कि वीणा की कंपनी के खिलाफ लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एक राजनीति से प्रेरित कदम है। यह बयान आरओसी द्वारा हाल ही में केंद्र को सौंपी गई रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जिसमें दावा किया गया था कि आईटी फर्म के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियां थी।
पक्ष-विपक्ष ने सीएम पिनाराई विजयन को घेरा
सीएम विजयन और सीपीआई (एम) पर अपना हमला तेज करते हुए सतीसन ने कहा कि वीणा की आईटी फर्म खनिज कंपनी के साथ अपने वैध लेनदेन के संबंध में कोई भी दस्तावेज जमा करने में विफल रही कि यह साबित करने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं है कि एक्सालॉजिक ने कोच्चि स्थित खनिज कंपनी को सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रदान की थीं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने सीपीआई (एम) और उनकी पार्टी के बीच समझौते के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी की मांग के जांच की है। भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर जांच शुरू की गई है और इस संबंध में आगे की कार्यवाही होगी।