कोरोना महामारी से जंग जीतने के लिए आयुष मंत्रालय समय-समय पर कुछ दिशानिर्देश जारी करता रहता है, जिसमें लोगों को स्वास्थ्य देखभाल, खानपान, दिनचर्या, इलाज, बचाव आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर से आयूष मंत्रालय ने सोमवार (27 अप्रैल) को होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना के मरीजों की देखभाल के लिए आयुर्वेद व यूनानी डॉक्टरों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया, ‘मौसमी बदलावों को देखते हुए रोगी के संविधान में सलाह दी गई है कि वासा (मालाबार नट), यष्टिमधु (लिकोरिस रूट) और गुडूची (गिलोय) को आवश्यकता के अनुसार क्वाथ में जोड़ा जा सकता है।’
इसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान देते हुए होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों के प्रबंधन के लिए आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों के दिशानिर्देशों के बारे में तत्काल जानकारी प्रसारित करने की आवश्यकता है। गाइडलाइन में कहा गया, ‘घरेलू साक्ष्य के दौरान कोरोना के हल्के मामलों के प्रबंधन के लिए आयुष- 64, अश्वगंधा की गोलियां आदि जैसे प्रभावी साक्ष्य- आधारित आयुर्वेद और यूनानी योगों / उपायों को शामिल किया गया है।’
कोरोना से जंग में मिलेगी मदद
मंत्रालय ने कहा, ‘होम आइसोलेशन और सेल्फ केयर के लिए निवारक उपायों में कोरोना मरीजों के लिए ये दिशानिर्देश शास्त्रीय आयुर्वेद और यूनानी ग्रंथों, शोध अध्ययनों, रिपोर्ट और अंतः विषय समिति की सिफारिशों के परिणामों पर आधारित हैं, जो हमारी लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।
इसमें कहा गया है कि कोविड-19 अध्ययनों के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (सीसीआरएएस), सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन यूनानी मेडिसिन (सीसीआरयूएम), ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) और नेशनल मेडिसिनल बोर्ड (एनएमपीबी) सलाहकारों और दिशानिर्देशों को तैयार करने पर काम किया।
मंत्रालय ने पिछले साल 29 जनवरी को कोविड-19 से खुद को बचाने और स्वस्थ रहने के तरीके के बारे में एक सलाह जारी की थी। इस संदर्भ में मंत्रालय ने ‘आयुषवाथ’ (आयुर्वेद) जैसे रेडीमेड फॉर्मूलेशन के उपयोग को भी बढ़ावा दिया, जो चार हर्बल सामग्रियों का एक सरल मिश्रण है। आयुषवाथ को भारत और विदेशों में उनके इम्यूनोमॉड्यूलेटरी और वायरल विरोधी गतिविधियों के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है।