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Telangana: नसबंदी शिविर में भाग लेने वाली चार महिलाओं की मौत, सरकार ने जांच के आदेश दिए

Tue, 30 Aug 2022 08:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

मृतकों के परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं राज्य सरकार ने राज्य के जन स्वास्थ्य निदेशक जी. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में इस त्रासदी के व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। वह एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। 
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तेलंगाना में सर्जरी के बाद चार महिलाओं की मौत (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के एक सरकारी अस्पताल में पांच दिन पहले डीपीएल (डबल पंक्चर लैप्रोस्कोपी) शिविर में भाग लेने वाली कम से कम चार महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 
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मृतकों के परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं राज्य सरकार ने राज्य के जन स्वास्थ्य निदेशक जी. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में इस त्रासदी के व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। वह एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। 
  
इब्राहिमपट्टनम पुलिस ने कहा कि न्याय की मांग को लेकर सोमवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया गया। डीपीएल एक महिला नसबंदी कार्यक्रम है। 
 
शिविर में 35 महिलाओं की हुई थी सर्जरी
वहीं श्रीनिवास राव ने कहा कि शिविर 25 अगस्त को रंगा रेड्डी जिले के इब्राहिम पट्टनम के सरकारी अस्पताल में आयोजित किया गया था, जिसमें 34 महिलाओं की सर्जरी हुई थी। दो मौतें पहले हुई थीं, वहीं दो अन्य की सोमवार शाम को मौत हो गई। 
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सरकार ने पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की
राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को दो बेडरूम वाली मकान योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि और एक-एक घर देने की घोषणा की है। मृतकों ने गैस्ट्रोएंटेराइटिस (जीई) सहित लक्षणों की शिकायत की थी। 
 
'पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगी मौत की वजह'
घटना पर दुख व्यक्त करते हुए श्रीनिवास राव ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। उन्होंने कहा कि चार मौतों के बाद तीस महिलाओं की उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जांच की गई है। एहतियात के तौर पर सात लोगों को शहर के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो अन्य का इलाज यहां सरकारी निजाम आयुर्विज्ञान संस्थान (एनआईएमएस) में चल रहा है। 

राव ने कहा कि तीस महिलाओं में से किसी को भी जीवन के लिए खतरनाक समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। सरकार मृतकों के बच्चों की पढ़ाई का भी ध्यान रखेगी।    
 
अस्पताल अधीक्षक निलंबित-डॉक्टर का लाइसेंस जब्त
सरकार ने सोमवार को राव की अध्यक्षता में त्रासदी की व्यापक जांच के आदेश दिए और उन्हें सात दिनों रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जिस अस्पताल में सर्जरी की गई थी, उसके अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। सर्जरी करने वाले डॉक्टर का लाइसेंस अस्थायी रूप से छीन लिया गया है। 

'हर साल करीब डेढ़ लाख सर्जरी होती हैं' 
राव ने कहा कि सरकार कार्यक्रम की समीक्षा करेगी और कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर साल करीब 1.50 लाख सर्जरी की जाती हैं और इस बात की जांच की जरूरत है कि समस्या इस साल और इस विशेष शिविर में ही क्यों हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह की त्रासदियों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सभी सावधानियां बरती जा रही हैं। 
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