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Manipur: गिरफ्तारी के बाद यूएनएलएफ के चार संदिग्ध उग्रवादी जमानत पर रिहा, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

Tue, 04 Jul 2023 11:49 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर में स्थिति काफी खराब हो गई है, हिंसा प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए असम राइफल्स की 95 से अधिक टुकड़ियों की तैनाती की गई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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हिंसाग्रस्त मणिपुर से उग्रवादी संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के चार संदिग्ध कैडरों को गिरफ्तार किया गया है। चारों को गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, उग्रवादियों को मणिपुर घाटी आतंकवाद निरोधक पुलिस (एमवीसीपी) ने 19 जून को पकड़ लिया था। उग्रवादियों के पास से 51 मिमी मोर्टार बरामद हुए। जिससे उनके इरादों के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि सभी चारों की गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर जमानत पर रिहाई मणिपुर की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
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मणिपुर में स्थिति काफी खराब हो गई है, जिससे हिंसा प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए असम राइफल्स की 95 से अधिक टुकड़ियों की तैनाती की गई है। राज्य पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और यूएनएलएफ जैसे प्रतिबंधित विद्रोही समूह हिंसा भड़काने में सक्रिय रूप से शामिल हैं, बल्कि यह आम लोगों के साथ सहयोग भी कर रहे हैं।

पुलिस के चुराए गए हथियारों की बरामदगी अधूरी
पुलिस शस्त्रागार से चुराए गए हथियारों की बरामदगी अधूरी है, जिससे हिंसाग्रस्त इलाकों में चल रहे संघर्ष की गंभीरता बढ़ गई है क्योंकि इन हथियारों का इस्तेमाल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में खुलेआम किया जा रहा है। असम राइफल्स के अनुसार, इनकी रिहाई स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों के प्रयासों को कानून का दुरुपयोग है। विशेष रूप से खतरनाक हथियारों के साथ पकड़े जाने के बाद संदिग्ध विद्रोहियों की रिहाई के कारण सुरक्षा को कमजोर किया जा रहा है।
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असम राइफल्स के अनुसार, अपराधियों को पकड़ने के बाद छोड़ना हिंसा को बढ़ावा देना है। यह स्थानीय आबादी की सुरक्षा को खतरे में डालता है। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को चुराए गए हथियारों को बरामद करने, उनके दुरुपयोग को रोकने और राज्य की कानून व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। 
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