राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस व आबकारी विभाग के 12 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनमें पुलिस के सीएसपी, थानाधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी शामिल हैं। इसी तरह की घटना बीते दिनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में भी हुई थी। मुरैना में 24 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद संबंधित थानाधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी सहित 12 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। संभागीय आयुक्त से जांच करवाने का आदेश दिया है। गहलोत ने इस घटना पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
भीलवाडा पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि मांडलगढ थाना क्षेत्र के सारण का खेड़ा गांव में बृहस्पतिवार रात को अवैध हथकढ़ शराब पीने से से एक महिला समेत चार लोगो की मौत हो गई। जबकि पांच अन्य लोग उपचाराधीन है। मृतकों की पहचान सत्तू , हजारी, दलेल सिंह, सरदार के रूप में की गई है।
मृतकों में शराब बनाने वाली महिला भी
शुरुआती जांच से पता चला है कि सत्तू हथकढ़ बनाती थी और यह उसने भी पी थी। कुल दस लोगों ने उसकी बनाई अवैध हथकढ़ शराब का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रथमदृष्ट्या लापरवाही बरतने पर आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर मांडलगढ़ के पुलिस वृत्ताधिकारी विनोदकुमार, थाना प्रभारी मनोज कुमार जाट, बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल जगदीशचन्द तथा कांस्टेबल शिवराज, भीलवाड़ा के जिला आबकारी अधिकारी मुकेश देवपुरा, सहायक आबकारी अधिकारी महीपाल सिंह, मांडलगढ़ के आबकारी निरीक्षक विकासचंद शर्मा, प्रहराधिकारी सरदार सिंह, जमादार नरेन्द्र सिंह, सिपाही राजेन्द्र सिंह, जगदीशप्रसाद और अरुण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण की प्रशासनिक जांच अजमेर के संभागीय आयुक्त को सौंपी गई है। वे 15 दिन में रिपोर्ट पेश करेंगे।
इसके साथ ही गहलोत ने घटना पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा अन्य पीड़ितों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देना स्वीकृत किया है।