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गगनयान मिशन के लिए चार वायुसैनिक पायलटों की रूस में कड़ी ट्रेनिंग शुरू

Mon, 17 Feb 2020 09:29 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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गगनयान - फोटो : Social media
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देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मानव मिशन गगनयान के लिए वायुसेना के चार पायलटों का रूस में सख्त प्रशिक्षण शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण एक साल तक चलेगा। गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में इन्हें इस मिशन के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी सेंटर में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा और उनके साथी रवीश मल्होत्रा को ट्रेनिंग दी गई थी। हालांकि रवीश को अंतरिक्ष नहीं भेजा गया।

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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि चारों पायलट जैव चिकित्सा, शारीरिक अभ्यास, सोयूज मानव अंतरिक्ष यान के मॉड्यूल की जानकारी हासिल करेंगे। 

इस मॉड्यूल का डिजाइन भी इसरो ने तैयार किया है। वायुसेना के पायलटों को ट्रेनिंग के लिए रूस के यूरी ए. गागरिन स्टेट साइंटिफिक रिसर्च एंड टेस्टिंग कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर भेजा गया है।
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रूसी अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण सेवा मुहैया कराने वाली ग्लावकोस्मॉस ने कहा, भारत के पायलटों को असमान जलवायु और भौगोलिक परिस्थिति में लैंडिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन लोगों को विशेष 2-76 एमडीके यान के जरिये कुछ वक्त के लिए भारहीनता की स्थिति का अनुभव कराया जाएगा।

रूस भेजने से पहले भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने एक हफ्ते तक पायलटों के प्रयोगशाला जांच के साथ-साथ शारीरिक क्षमता, रेडियोचिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परीक्षण किए गए थे।

बीते साल 27 जून को हुआ था समझौता

इसरो के ह्यूमन स्पेसलाइट सेंटर और रूस के स्टेट स्पेस कॉर्पोरेशन रोस्कॉस्मोस की कंपनी ग्लावकॉस्मोस के बीच 27 जून 2019 को करार हुआ था। इस ट्रेनिंग सेंटर का नाम 12 अप्रैल 1961 को अंतरिक्ष जाने वाले पहले इंसान यूरी गागरिन के नाम पर रखा गया है। सोवियत वायुसेना के पायलट गागरिन ने वोस्टोक-1 कैप्सूल में बैठकर पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाया था।
 

राकेश शर्मा गए थे अंतरिक्ष में

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा 1984 में रूसी यान में बैठकर अंतरिक्ष गए थे। गगनयान मिशन से भारतीय अंतरिक्ष यात्री भारतीय यान में बैठकर अंतरिक्ष में जाएंगे। गगनयान को जीएसएलवी मैक-3 रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसरो ने 23 जनवरी को गगनयान में भेजी जाने वाली ह्यूमनॉइड व्योममित्र का वीडियो जारी किया था।
 

गगनयान से पहले अंतरिक्ष जाएगी व्योममित्र

इसरो 2022 में गगनयान का मानव मिशन लॉन्च करेगा, जिसमें तीन क्रू मेंबर रहेंगे। इस मिशन में किसी महिला को अंतरिक्ष में नहीं भेजा जा रहा है, इसलिए मानव मिशन से पहले इसरो महिला की शक्ल वाले ह्यूमनॉइड व्योममित्र को अंतरिक्ष में भेजेगा। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा था कि गगनयान के अंतिम मिशन से पहले दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में अंतरिक्ष में मानव जैसे रोबोट भेजे जाएंगे।

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