कांग्रेस पार्टी के भीतर नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप और नाराजगी दिखाने का दौर अभी थमा नहीं है। महाराष्ट्र, हरियाणा, त्रिपुरा, और झारखंड में कांग्रेस के बड़े नेता यह कहते हुए पार्टी से किनारा कर चुके हैं कि राहुल गांधी के समर्थकों पर गाज गिराई जा रही है। हाल ही में सोनिया गांधी ने यूपी कांग्रेस में जब बड़ा बदलाव किया तो पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राज बब्बर का दर्द छलक आया।
वरिष्ठों के आदेश से फैसले रहे अधूरे!
राज बब्बर ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को लिखे अपने पत्र में जो कुछ कहा, उससे एक बात साफ हो गई है कि बब्बर ने भी पार्टी को धीरे से जोर का झटका दे दिया है। राज बब्बर ने कहा कि मेरी तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ कमियां रह गईं, जिसकी वजह से अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिल सके। कभी अपने विवेक से तो कभी वरिष्ठों के आदेश से फैसले अधूरे ही रहे। जब मैंने नए साथियों को मौका और पुराने साथियों को सम्मान देना चाहा तो कई सहयोगियों को असहजता महसूस होने लगी।
अजय कुमार लालू को पार्टी की कमान
बता दें कि शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम अपना कार्यभार ग्रहण कर रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेशाध्यक्ष राज बब्बर को हटा कर उनकी जगह अजय कुमार लालू को पार्टी की कमान सौंपी थी। लालू के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में तकरीबन सभी पदों पर नए चेहरों को लगाया गया है। अपनी विदाई के बाद पूर्व अध्यक्ष राज बब्बर ने सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और सीएलपी लीडर आराधना मिश्रा के नाम एक पत्र लिखा। इसमें बब्बर ने कहा कि किन्हीं कारणों से शुक्रवार को लखनऊ में मेरी उपस्थिति संभव नहीं होगी।
कुशल नेत्री हैं प्रियंका गांधी
अपने पत्र में राज बब्बर ने प्रियंका गांधी की बाबत लिखा कि उनके आने से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होगा, वे एक कुशल नेत्री हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी सफलता का परचम लहराएगी। हमनें यूपी में एक समर्पित टीम की तरह काम किया है। मेरी तमाम कोशिशों के बावजूद परिणाम अच्छे नहीं मिले। उनका इशारा साफ था कि कामकाज में वरिष्ठ नेताओं का लगातार हस्तक्षेप रहा है, जिसके चलते वे कई जरुरी फैसले भी नहीं ले पाए। नए चेहरों को मौका देना चाहा तो पुराने नाराज हो गए। राज बब्बर ने यह भी लिखा कि प्रत्येक पद की कुछ शक्तियां होती हैं, मगर उसके साथ सीमाएं भी होती हैं। बतौर प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए मैं कितना न्याय कर पाया, यह अपने सहयोगियों पर छोड़ता हूं।