पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गहरे कोमा में हैं और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। फेफड़ों के संक्रमण और गुर्दे की समस्या के लिए उनका इलाज किया जा रहा है। दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से गुरुवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।
अस्पताल ने एक बयान में कहा कि ‘प्रणब मुखर्जी अब भी गहरे कोमा में और जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। उनके फेफड़ों में संक्रमण और गुर्दों की समस्या का इलाज जारी है। वह हेमोडायनामिक्ली स्थिर हैं।’’
इससे पहले बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मंगलवार से उनके रेनल पैरामीटर (गुर्दे के मापदंड) अव्यवस्थित हो गए हैं। वे लगातार गहरे कोमा में हैं और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
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मंगलवार को अस्पताल ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया था कि उनके स्वास्थ्य में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं देखा जा रहा है। अस्पताल ने बयान जारी कर कहा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेडिकल स्थिति में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं और उनके महत्वपूर्ण पैरामीटर स्थिर हैं।
मुखर्जी (84) को दस अगस्त को दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुखर्जी के मस्तिष्क में खून के थक्के जमने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया था।अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय वह कोविड-19 से भी संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें श्वास संबंधी संक्रमण हो गया था।