कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है, विभाग के पास ऐसे बहुत से केस आ रहे हैं, जिनमें पेंशनरों का पीपीओ खो जाने या कहीं इधर उधर होने की बात सामने आती है। चूंकि वरिष्ठ नागरिक होने के चलते उनके लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना संभव नहीं होता है।
जब उनके पेंशन पेमेंट ऑर्डर की मूल प्रति खो जाती है तो उन्हें कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। कोविड-19 के दौरान यह दस्तावेज खो जाता है तो उसे दोबारा बनवाने के लिए कितनी मशक्कत करनी होगी, यह अंदाजा लगाया जा सकता है।
परिवार में कई बार ऐसी परिस्थितियां होती हैं, जहां उनके साथ सरकारी कार्यालय में जाने वाला कोई नहीं होता। कमजोर स्वास्थ्य के चलते वे खुद वहां तक नहीं पहुंच सकते। इन सबके मद्देनजर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 'डिजिलॉकर' की योजना बनाई है।
इसे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पेमेंट ऑर्डर के साथ समन्वित कर जोड़ा जाएगा। इससे पेंशनर को डिजिलॉकर अकाउंट से अपने पीपीओ का प्रिंटआउट निकालने की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, उसे अगर कहीं पर पीपीओ की प्रति देनी होगी तो वह 'डिजिलॉकर' के जरिए कॉपी भेज सकता है।