पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान दिखाइ दिए। वे सत्र में भाग लेने के लिए व्हीलचेयर से संसद आए। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 पर चर्चा हो रही थी। दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया था, जिसमें उनसे सोमवार को राज्यसभा में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया था।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में पेश किया। आज उच्च सदन से पास होने से पहले यह विधेयक पिछले सप्ताह ही लोकसभा से पारित हो गया था। I.N.D.I.A. गठबंधन के विपक्षी दल इस विधेयक के विरोध में थे।
अमित शाह ने दी मणिपुर पर चर्चा की चुनौती
इस बीच अमित शाह ने मणिपुर के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच सोमवार को विपक्ष को 11 अगस्त को राज्यसभा में चर्चा करने की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस विषय पर चर्चा से भाग रहे हैं। दरअसल, विपक्षी दलों के सदस्य उच्च सदन में मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और कार्यस्थगन के प्रावधान वाले नियम 267 के तहत चर्चा कराए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
विपक्ष में दम है तो इस बिल को गिरा दे: शाह
राज्यसभा में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023 के पास होने से पहले हुई लंबी चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि वह मतदान के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा चाहते हैं तो उसे आज ही इस विधेयक को गिराकर अपनी संख्या दिखा देनी चाहिए। मैं चुनौती देता हूं कि अगर विपक्ष में दम है तो इस बिल को आज ही गिरा दे। उन्होंने कहा कि 8, 9 और 10 अगस्त को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के कारण उच्च सदन में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकती।
विपक्ष को चर्चा से नहीं भागना चाहिए: अमित शाह
उन्होंने कहा कि लोकसभा सदस्य होने के नाते उन्हें तीनों दिन निचले सदन में मौजूद रहना पड़ेगा, इसलिए इन तीनों दिन वह मणिपुर मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान उच्च सदन में नहीं रह सकते। विपक्ष को 11 अगस्त को मणिपुर पर चर्चा करनी चाहिए और उसे चर्चा से नहीं भागना चाहिए।