एयरसेल के पूर्व मालिक सी शिवशंकरन
एयरसेल के पूर्व मालिक सी शिवशंकरन ने इस साल सितंबर में सीबीआई के अधिकारी से एजेंसी के मुख्यालय में मुलाकात की थी। यह मुलाकात निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने से एक दिन पहले हुई थी। यह जानकारी मिली है कि संयुक्त निदेशक रैंक के अधिकारी ने शिवशंकरन से अपने दफ्तर और पांच सितारा होटल में मुलाकात की।
यह मुलाकात
सीबीआई के सेवा नियमों और सीबीआई की आंतरिक प्रक्रियाओं के विपरीत थी। दिलचस्प बात यह है कि शिवशंकरन ने आईपीएस अधिकारी से मिलने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया। इसके थोड़ी देर बाद उद्यमी के खिलाफ जारी हुए लुकआउट सर्कुलर को कमजोर कर दिया गया। जिससे कि उसे देश छोड़कर जाने की इजाजत मिल गई। यह एक ऐसी गतिविधि है जिसे केवल संयोग नहीं माना जा सकता।
इससे सरकार नाराज हो गई है क्योंकि शिवशंकरन का नाम 600 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक धोखाधड़ी में आया है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के कई पूर्व सीएमडी और एमडी के नाम भी हैं। इस अनाधिकारिक बैठक पर मिली जानकारी के अनुसार शिवशंकरन दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के कमरा नंबर 901 में ठहरा था। यहां उसने सीबीआई के संयुक्त निदेशक से मुलाकात की।
शिवशंकरन की
सीबीआई मुख्यालय में मुलाकात वाले फुटेज को सरकारी अधिकारियों के साथ साझा किया गया है। सिशेल्स की नागरिकता ले चुके उद्यमी ने मुलाकात की बात को माना लेकिन दावा किया कि यह मुलाकात आधिकारिक थी। शिवशंकरन ने कहा, 'आधिकारिक तौर पर मैं उनके बुलाने पर मिलने गया।' उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मुलाकात की तारीख याद नहीं है।
यह मुलाकात उस समय हुई जब आईडीबीआई बैंक मामले के जांच अधिकारी डीएसपी रविंद्र बंदेकल और बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड सेल के शाखा प्रमुख विजयेंद्र बिदारी ने शिवशंकरन के खिलाफ जारी हुए लुकआउस सर्कुलर को कमजोर किए जाने का विरोध किया था। बंदेकल ने सीबीआई मुख्यालय को पत्र लिखकर कहा था कि मामले की जांच के लिए शिवशंकरन का भारत में मौजूद रहना जरूरी है और इस बात की पूरी आशंका है देश छोड़कर जाने के बाद वह जांच में सहयोग नहीं करेगा। इसके बावजूद सीबीआई के उच्च अधिकारियों ने आप्रवासन प्राधिकरण से विनती करके सर्कुलर में बदलाव करने को कहा।