सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आफताब अहमद खान का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्हें तीन दशक पहले मुंबई पुलिस में आतंक रोधी स्क्वाड (एटीएस) की स्थापना करने का श्रेय जाता है। यह देश में अपनी तरह का पहला बल था। खान मुंबई में गैंगस्टरों और आतंकवादियों के खिलाफ कई अभियानों में शामिल रहे थे।
आफताब कुछ दिन पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और उन्हें उपनगरीय अंधेरी में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन शुक्रवार की दोपहर उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खान के साथ काम करने वाले सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त इकबाल शेख ने बताया कि वह अपने पीछे अपनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। 1963 बैच के आईपीएस अधिकारी खान ने 1995 में महाराष्ट्र पुलिस से इस्तीफा दिया था। तब वह पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इकबाल शेख ने आगे कहा कि मुंबई पुलिस में आतंक रोधी दल की स्थापना साल 1990 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग के स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (स्वाट) से प्रेरित हो कर की गई थी। उन्होंने कहा, 'खान साहब एक शानदार पुलिस अधिकारी थे जो हमेशा अग्रिम मोर्चे पर खड़े होकर नेतृत्व किया करते थे।'