अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेदी राम दोदम का रविवार की सुबह निधन हो गया। उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 69 वर्षीय दोदम अपने छह बच्चों और पोते-पोतियों के साथ रहते थे। कांग्रेस नेता को उनके कार्यकाल के दौरान बागवानी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए जाना जाता था।
मेदी राम दोदम के निधन पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने दोदम के प्रभावशाली नेतृत्व की सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम खांडू ने कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री मेदी राम दोदम के निधन से दुखी हूं। वह एक प्रभावशाली नेतृत्व वाले समर्पित लोक सेवक थे।"
उन्होंने आगे कहा, "उनकी साहसिक भावना और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता उन सभी को याद रहेगी जो उन्हें जानते थे। उनके परिवार, दोस्तों और परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।"
दोदम ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1984 में की थी। उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने दोईमुख-सगाली विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि, उन्हें इसमें हार का सामना करना पड़ा था। साल 1986 में वह भाजपा में शामिल हुए और बाद में 1988 में उन्होंने कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया। उन्होंने 1995 में बामेंग विधानसभा सीट से सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा। उन्होंने बागवानी उप मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद वह 1996 में मत्स्य पालन पोर्टफोलियो सहित उसी मंत्रालय में कैबिनेट रैंक पर पदोन्नत हुए।
बता दें कि दोदम 1979 में अरुणाचल प्रदेश महिला कल्याण सोसाइटी के उपनियमों को तैयार करने मं भी शामिल थे और ऑल न्यिशी यूथ एसोसिएशन (एएनवाईए) के गठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।