हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गुरुवार को चतुष्कोणीय गठबंधन देश (क्वाड) के विदेश मंत्रियों ने बैठक की। ये चारों देशों के बीच होने वाली तीसरी बैठक थी, इसमें भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिसे पायने, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन शामिल थे।
चारों देशों के बीच हुई बैठक को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, साथ ही विशेष रूप से इस बैठक में भारत-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए रखने की दिशा में सहयोग पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गुरुवार को हुई क्वाड देशों की तीसरी बैठक में यह देखा गया कि हिंद-प्रशांत अवधारणा ने यूरोप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय समर्थन को इकट्ठा किया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि 74 देशों को भारत की ओर से दी जा रही वैक्सीन को मान्यता मिली और उसकी सराहना भी की गई।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया चारों देशों के विदेश मंत्री भारत-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए रखने की दिशा में सहयोग के लिए व्यावहारिक विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर पर भी चर्चा हुई।
इधर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिसे पायने ने एक बयान में कहा कि हमने क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर क्वाड देशों के सहयोग को और बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इन क्षेत्रीय प्राथमिकताओं में कोविड-19, समुद्री सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन, आतंकवाद का मुद्दा शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा म्यांमार में सैन्य तख्तापलट को लेकर गंभीर चर्चा हुई और इसके लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को सुनिश्चित किया गया।
इधर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने एक बयान में कहा कि क्वाड का सकारात्मक एजेंडा हमें कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने में समर्थ करेगा। इसमें कोरोना के आर्थिक और स्वास्थ्य प्रभावों से उबरने वाले क्षेत्रों का समर्थन भी शामिल है। बयान में कहा गया कि क्वाड ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय एजेंडा का मुख्य स्तंभ है। क्वाड साझेदार आसियान की केंद्रीयता के प्रबल समर्थक हैं।