कोरोना को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के प्रारूप में बदलाव किया है। पहली बार है जब 11 जगहों पर यह बैठकें होंगी, अब तक राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक दशहरे के बाद एक ही स्थान पर होती रही है।
इस बार बैठक में कृषि बिल समेत कोरोना से अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका पर पड़े असर पर चर्चा होगी। बता दें कि संघ ने इससे पहले मार्च में एक बैठक को रद्द कर दिया था।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इस बार दशहरे के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल की बैठकें अक्तूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर पूरे नवंबर तक चलेंगी। इस बीच दिवाली के दौरान कोई बैठक नहीं होगी।
आने वाले कुछ हफ्तों में बैठकों का पूरा कार्यक्रम तय हो जाएगा। ये बैठकें अहमदाबाद, भोपाल, भुवनेश्वर, जयपुर, प्रयाग, पटना, गुवाहाटी, गुरुग्राम, गाजियाबाद, पलक्कड़ और हैदराबाद में होंगी।
सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, सहसरकार्यवाह सुरेश भैय्या जी जोशी सभी बैठकों में शामिल होंगे। हर राज्य से छह से सात प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा लेंगे। आम तौर पर इस बैठक में 350 लोग शामिल होते थे लेकिन कोरोना को देखते हुए नए प्रारूप में हो रहीं बैठकों में 30-40 लोग पहुंचेंगे।