रियो ओलंपिक से पहले ही छिड़ा मुकाबला
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दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद नर सिंह यादव के साथ ट्रायल को लेकर भारतीय कुश्ती संघ से सुलह की उम्मीदें पूरी नहीं होते देख पहलवान सुशील कुमार ने इस मुद्दे पर लंबी लड़ाई लडने का मन बना लिया है। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान ने साफ कर दिया है कि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर वह डबल बेंच और सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाएंगे।
सुशील की आला अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद कुश्ती संघ हाईकोर्ट को अपने जवाब में नर सिंह के समर्थन में पक्ष रख सकती है। वहीं खेल मंत्रालय और साई भी यही जवाब देने के हक में हैं कि उनका इस मामले से लेना-देना नहीं है। चयन का अधिकार क्षेत्र खेल संघ का है। वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। सुशील का कहना है कि ट्रायल को लेकर कुश्ती संघ ने उन्हें अंधेरे में रखा।
शुरूआत में उनसे यही कहा गया कि उनका ट्रायल कराया जाएगा। अगर उन्हें नर सिंह के कोटा हासिल करने के दौरान ही बता दिया जाता कि ट्रायल नहीं कराए जाएंगे तो वह इतने दिनों तक तैयारियां ही क्यों करते? न तो वह टॉप्स स्कीम में शामिल होते और न ही तैयारियों के लिए जार्जिया जाते। उन्होंने कुश्ती संघ को लंदन ओलंपिक में पदक जीतने के बाद ही बता दिया था कि वह अब 66 किलो में खेलने के हक में नहीं है। इसके बाद ही साल 2013 में 66 किलो वजन को खत्म किया गया।