भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बुधवार को सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। एफएसएसएआई ने कंपनी का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
एफएसएसएआई ने क्या कहा?
एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई जांच के दौरान फ़ूड सेफ्टी नियमों के गंभीर उल्लंघन का पता चलने पर की गई है। कंपनी से कहा गया है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान वह खाने-पीने से जुड़ी सभी बिजनेस गतिविधियां बंद रखे। एफएसएसएआई का कहना है कि उसका फोकस नियमों का पालन, साफ-सफाई और सुरक्षित फूड प्रैक्टिस सुनिश्चित करने पर है।
फूड रेगुलेटर ने जांच में क्या पाया?
इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में, फूड रेगुलेटर ने बताया कि जांच के दौरान साफ-सफाई और हाइजीन की कमी देखी गई, जिसमें पानी जमा होना, बदबू, गंदगी और खाना बनाने वाली जगहों की ठीक से सफाई न होना शामिल था। टमाटर, पपीते, गुड़ और काजू में फफूंद लगी हुई थी, शिमला मिर्च सड़ी हुई थी और खाना पकाने का तेल काला पड़कर खराब हो गया था।
मांस और शाकाहारी भोजन अलग नहीं रखा गया था
अधिकारी ने बताया कि खाद्य भंडारण में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण में पता चला कि मांस और शाकाहारी भोजन को अलग-अलग नहीं रखा गया था, मांस को ठीक से स्टोर नहीं किया गया था। इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज यूनिट में खाद्य पदार्थों पर पानी की बूंदें टपक रही थीं।
इसी तरह, बुनियादी ढांचे और कीट नियंत्रण में भी बड़ी कमियां पाई गईं, जिनमें रेफ्रिजरेटर से लीकेज, बर्फ का जमना, प्लास्टर का गिरना, कोल्ड स्टोरेज की कमी, खराब वेंटिलेशन और कॉकरोच और मक्खियों मिली है। इसके साथ ही साफ-सफाई, रिकॉर्ड रखने और पानी की जांच से संबंधित मानदंडों का भी उल्लंघन किया गया।
एफएसएसएआई ने क्या निर्देश दिए?
एजेंसी ने बताया कि लगभग 74 किलोग्राम खराब खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कंपनी का अनुपालन स्कोर (compliance score) केवल 30% था, जिसे नियमों का पालन न करने वाला माना जाता है। नतीजतन एफएसएसएआई को लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान खाद्य-संबंधी सभी व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया गया है।