सीवीसी ने कहा कि सीबीआई कई बार जांच के दायरे में आए मामलों के ओरिजनल दस्तावेज अपने साथ रखती है।
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने बुधवार को केंद्र सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वे सीबीआई से जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए पहले से मौजूद गाइडलाइंस का पालन करें, ताकि वे अपने भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को समय से पूरा कर सकें।
सीवीसी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कई बार यह देखने में आया है कि आरोपी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ जांच में देर दस्तावेज के समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से होती है। आयोग ने कहा कि इसकी वजह से न केवल जांच में अनावश्यक देरी होती है, बल्कि कई बार भ्रष्टाचार के दोषी होते हुए भी कर्मचारी, अधिकारी दस्तावेज के अभाव में आरोपमुक्त हो जाते हैं। सीवीसी ने इसके साथ ही अपने आदेश में जांच अधिकारी को तत्काल दस्तावेज मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
सीवीसी का यह आदेश ऐसे समय आया है जब आयोग को विभागीय जांचों के कुछ मामलों की गति लगातार धीमी होती दिखी है। वह भी सिर्फ दस्तावेजों की कमी की वजह से। बताया गया है कि कई मामलों में दस्तावेज पेश करने में देरी की वजह यह थी कि जिन भी मामलों की जांच सीबीआई कर रही थी, उनके ओरिजनल दस्तावेज जांच एजेंसी के पास ही रहते थे।