इस बीच, यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्यमंत्री रीम इब्राहिम अल हाशिमी ने नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग के आठवें संस्करण में हिस्सा लिया। वह यूएई के कई मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुईं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुलनासेर जमाल अलशाली, यूएई मिशन के उप प्रमुख माजिद अलनेखाइलवी और यूएई दूतावास के राजनीतिक विभाग के प्रमुख अब्दुलअजीज अलहाशमी के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से निर्मला सीतारमण और यूएई दूतावास के अधिकारियों के बीच बैठक की जानकारी दी।
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वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, भारत में यूएई के राजदूत अब्दुलनासेर जमाल अलशाली, यूएई मिशन के उप प्रमुख माजिद अलनेखाइलवी और यूएई दूतावास के राजनीतिक विभाग के प्रमुख अब्दुलअजीज अलहाशमी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
एक मार्च को संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे थे। गौरतलब है कि भारत ने एक दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है। इस बीच, यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्यमंत्री रीम इब्राहिम अल हाशिमी ने नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग के आठवें संस्करण में हिस्सा लिया। वह यूएई के कई मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुईं।
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यूएई के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री द्वारा जारी बयान के अनुसार, रीम इब्राहिम अल हाशिमी की भागीदारी दोनों देशों को जोड़ने वाले रणनीतिक संबंधों की गहराई को प्रदर्शित करती है। 'अवसरों का एक क्षेत्र: भूमध्य सागर से अरब सागर तक' शीर्षक वाले सत्र के दौरान, उन्होंने अन्य देशों के साथ अधिक टिकाऊ और प्रभावी साझेदारी बनाने के लिए यूएई के दृष्टिकोण और इन साझेदारियों को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी, विज्ञान और नवाचार का उपयोग करने की दृष्टि पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उद्देश्य मानवता को लाभ पहुंचाना है।
बयान के अनुसार, रीम इब्राहिम अल हाशिमी ने कहा कि यूएई जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (COP28) के लिए पार्टियों के सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान और नए नवाचार खोजने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।