भारत की वित्तीय नीति पर वित्त मंत्री का साक्षात्कार
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भारत की वित्तीय नीति पर निर्मला सीतारमण का साक्षात्कार
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भारत की वित्तीय नीति पर निर्मला सीतारमण का साक्षात्कार
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राज्यों को समर्थन और व्यय की गुणवत्ता पर जोर
वित्त मंत्री ने राज्यों की तरफ से पूंजीगत व्यय में बढ़ती रुचि की सराहना की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से प्रदान किए गए 50 वर्ष के ब्याज मुक्त ऋण का सही उपयोग हुआ है, जिससे व्यय की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। हालांकि, 2024-25 में पूंजीगत व्यय बजट अनुमान 11.11 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया के कारण चार महीने में खर्च धीमा पड़ा।
भारत का दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार अपनी कर्ज-जीडीपी अनुपात को धीरे-धीरे कम करेगी और सभी वित्तीय वादों को पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य विकसित देश इस तरह के सख्त वित्तीय नियंत्रण का पालन नहीं कर रहे हैं, लेकिन भारत बिना किसी सामाजिक कल्याण योजना को प्रभावित किए अपने लक्ष्यों पर आगे बढ़ रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ बड़े बजट पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि खर्च की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। राज्यों को भी 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण दिए गए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।