फ्लाईदुबई के दो पायलटों के बीच हुई झड़प के बाद हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय मामले पर नजर रख रहा है। इसी बीच देश के आठ एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इनमें से तीन एयरपोर्ट पर स्कैनर पहुंच चुके हैं। बाकी पांच एयरपोर्ट पर भी इन्हें जल्द लगाया जाएगा। इन मशीनों से मिलने वाले डेटा को जुटाकर उसका विश्लेषण किया जा रहा है। फुल बॉडी स्कैनर का मकसद यात्रियों की सुरक्षा जांच को और बेहतर बनाना है। हालांकि, इस तकनीक के इस्तेमाल के साथ यात्रियों की निजता का भी ध्यान रखा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, स्कैनर में यात्री की असली तस्वीर नहीं दिखाई जाएगी। स्क्रीन पर शरीर का एक सामान्य थ्री डी मॉडल नजर आएगा। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु की आशंका होने पर शरीर के उसी हिस्से की जानकारी दिखाई जाएगी। इससे सुरक्षा कर्मियों को आगे की जांच करने में मदद मिलेगी।
मशीन शरीर की पूरी तस्वीर दिखाने के बजाय संदिग्ध या असामान्य वस्तु की पहचान में मदद करेगी। किसी वस्तु को संदिग्ध पाए जाने के बाद आगे की जांच संबंधित सुरक्षा नियमों के तहत की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा जांच को मजबूत करने के साथ यात्रियों की निजता बनाए रखना है।
वही, फ्लाईदुबई मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि सरकार मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर रही है। जरूरत पड़ने पर नई एडवाइजरी जारी करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जरूरत सामने आने पर उच्चाधिकारियों को तुरंत जानकारी दी जाएगी, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।