भारत के कैप्टन स्मित को लेकर कौतुहल और जिज्ञासा बरकरार है। उनके करीबी दोस्तों के अलावा अब पिता ने बेटे से जुड़ी बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा, बेटे ने 174 लोगों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल उसकी बहादुरी नहीं, उसकी सलामती था। कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्र मच्छर ने कहा कि घटना की खबर मिलते ही परिवार डर गया था। सभी ने मंदिर जाकर प्रार्थना की कि बेटे के साथ कुछ अनहोनी न हो।
भूपेंद्र ने कहा, ऐसे हालात के लिए कोई व्यक्ति पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं होता, लेकिन संकट की घड़ी में स्मित ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। उसके दिमाग में एक ही बात थी-पीछे बैठे यात्रियों की जान नहीं जानी चाहिए। करीब 17 साल से विमान उड़ा रहे स्मित के लिए उड़ान सिर्फ पेशा नहीं, जुनून है। उड़ान उसकी जिंदगी है। उन्होंने बताया कि स्मित वर्षों से दूसरे पायलटों का मार्गदर्शन भी करते रहे हैं। बेटे की बहादुरी पर गर्व होने के बावजूद पिता कहते हैं कि अभी परिवार की पहली चिंता उसकी सेहत है।
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने की मांग...
भारतीय वाणिज्यिक पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने केंद्र सरकार से कैप्टन मच्छार को उनकी बहादुरी के िलए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का आग्रह किया है।
हमलावर से जल्द ही पूछताछ करेंगे इस्राइली अधिकारी
फ्लाईदुबई विमान को क्रैश करने की कोशिश करने वाल सह पायलट से इस्राइल के अधिकारी जल्द पूछताछ कर सकते हैं। यह सह पायलट पहले सउदी अरब के अधिकारियों के कब्जे में था लेकिन बृहस्पतिवार को इसे यूएई के हवाले कर दिया गया। सउदी अरब से इस्राइल के राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में इस्राइली अधिकारी वहां कोई जांच नहीं कर सकते थे। जांच से जुड़ी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, इस्राइली जांचकर्ता अब यूएई के नेतृत्व वाली जांच में अमीराती अधिकारियों के साथ शामिल होंगे। वे यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या हुआ था।