कछार में सबसे ज्यादा स्थिति खराब
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक कछार और श्रीभूमि जिलों में दो लोगों की जान चली गई। यहां पर इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। प्राधिकरण ने कहा कि कि कछार सबसे अधिक प्रभावित है, जहां एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद श्रीभूमि में 85,000 और नागांव में 62,000 लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 764 गांव जलमग्न हैं और असम में 3,524.38 हेक्टेयर फसल क्षेत्र नष्ट हो गया है।
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नदियां उफान पर
बारिश के चलते राज्य की नदियां उफान पर हैं। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ और निमातीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां नुमालीगढ़ में धनसिरी और कामपुर में कोपिली खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बराक नदी बदरपुर घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि इसकी सहायक नदी कुशियारा श्रीभूमि में और मतिजुरी में कटाखल भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं राज्य भर के कई जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से सड़क परिवहन, रेल यातायात और नौका सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
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सीएम ने की लोगों से बचाव की अपील
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार शाम को आगाह किया कि राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और खराब होने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सरमा को फोन किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने चौदह फंसे हुए लोगों को निकाला गया।