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उड़ान का परीक्षण : रैमजेट बूस्टर टेस्ट कामयाब, लंबी दूरी के मिसाइल खतरों को विफल करने में मददगार

Fri, 08 Apr 2022 03:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 डीआरडीओ ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे यह परीक्षण किया गया। इसने सफलतापूर्वक जटिल मिसाइल प्रणाली में शामिल सभी महत्वपूर्ण घटकों के विश्वसनीय कामकाज का प्रदर्शन किया और मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया। 
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सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट बूस्टर का सफल परीक्षण - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत ने शुक्रवार को ओडिशा में चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) बूस्टर का सफल परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा एसएफडीआर आधारित प्रणोदन (संचालक शक्ति) मिसाइल को अत्यधिक लंबी दूरी पर मौजूद हवाई खतरों को भी सुपरसोनिक गति से रोकने और उन्हें मार गिराने में सक्षम बनाता है। इसके सफल परीक्षण से डीआरडीओ की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। 

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डीआरडीओ ने कहा कि इस परीक्षण ने जटिल मिसाइल प्रणाली में शामिल सभी अहम घटकों के विश्वसनीय कामकाज का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है और मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया है। साथ ही परीक्षण की सफलता की पुष्टि आईटीआर में तैनात टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल टैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) जैसे कई रेंज उपकरणों द्वारा कैद डाटा से की गई। एसएफडीआर को हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद और हाई एनर्जी मैटेरियल रिसर्च लैबोरेटरी, पुणे के सहयोग से विकसित किया है। 

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश में महत्वपूर्ण मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में एक अहम सफलता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने भी डिजाइन, विकास और परीक्षण में शामिल टीमों की प्रशंसा की।
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क्या है रैमजेट
यह डीआरडीओ द्वारा विकसित एक मिसाइल प्रोपल्शन तकनीक है। इसे रैमजेट के नाम से जाना जाता है। यह नोजल रहित मोटर तथा बूस्टर मोटर प्रणाली पर आधारित एक प्रक्षेपण रॉकेट है। 

रोमियो हेलिकॉप्टर उड़ाने के लिए नौसेना के पायलटों ने अमेरिका में लिया प्रशिक्षण
नौसेना के पहले दल ने कई भूमिकाओं वाले हेलिकॉप्टर एमएच-60 रोमियो को उड़ाने के लिए अमेरिका में अपना 10 माह का प्रशिक्षण पूरा कर लिया। इस साल के मध्य में इस हेलिकॉप्टर को नौसेना में शामिल करने की योजना है, उससे पहले पायलटों को प्रशिक्षण दिलवाया गया है। भारत अमेरिका से 15,000 करोड़ रुपये में 24 एमएच-60आर हेलिकॉप्टर खरीद रहा है। ये चॉपर हेलफायर मिसाल और नाइट विजन उपकरणों से लैस हैं। हर मौसम में उपयुक्त इस हेलिकॉप्टर को लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन ने बनाया है, जो अत्याधुनिक उपकरणों और सेंसर से लैस है।
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