जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के उप प्राचार्य रतीश कुमार ने बताया कि यह घटना रविवार शाम को घटी। उनके मुताबिक, पीड़िता इतिहास की शिक्षक हैं जिन्होंने एक छात्र के माता-पिता को शिक्षक-अभिभावक बैठक (पीटीएम) में उसके खराब शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी दी थी।
असम के डिब्रूगढ़ जिले में छात्रों के एक समूह ने पांच महीने की गभर्वती शिक्षिका के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया। शिक्षिका ने एक छात्र के माता-पिता से उसके खराब शैक्षणिक प्रदर्शन और आचरण की शिकायत की थी। कथित घटना 27 नवंबर (रविवार) को डिब्रूगढ़ के जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई थी। स्कूल में हंगामा होने पर स्कूल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को बुलाया। वहीं, स्कूल शिक्षक पर कथित हमले में शामिल 22 छात्रों को स्कूल प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।
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जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के उप प्राचार्य रतीश कुमार, जो प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं, को भी मोरन क्षेत्र में स्कूल के 10वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों के एक समूह द्वारा एक अन्य शिक्षक के साथ घेर लिया गया था। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को घटना घटी। उनके मुताबिक पीड़िता इतिहास की शिक्षक हैं जिन्होंने एक छात्र के माता-पिता को शिक्षक-अभिभावक बैठक (पीटीएम) में उसके खराब शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा कि बैठक के बाद कुछ छात्रों ने समूह बनाया और शिक्षिका को परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ ने उन्हें धक्का तक दे दिया और एक छात्र ने तो उनके बाल खींचने की कोशिश की। कुमार ने कहा कि कुछ अन्य महिला शिक्षकों, स्कूल कर्मियों और छात्राओं ने लड़कों से शिक्षिका को बचाया। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह सदमे में, वह गिरने की कगार पर थी क्योंकि गर्भावस्था के कारण उन्हें पहले से ही कुछ समस्याएं थीं। उन्हें तुरंत स्कूल की कार में एक महिला परिचारक के साथ अस्पताल भेजा गया।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग छात्रों के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत अभी तक दर्ज नहीं कराई गयी है। कुमार ने कहा कि हमने डिब्रूगढ़ के उपायुक्त के कार्यालय को घटनाक्रम के बारे में सूचित कर दिया है। शिक्षा के लिए संबंधित एडीसी ने हमें घटना की मजिस्ट्रियल जांच का आश्वासन दिया और छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने आगे कहा कि जेएनवी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। इस बीच, नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्त (पूर्वोत्तर) केवी सुरेश ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की और इसे 'सबसे दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं मामले की जांच के लिए जेएनवी समिति के सहायक आयुक्त को डिब्रूगढ़ भेजा है।