टाइफून आइडा
सबसे पहले बात करें सितंबर 1958 में आए आइडा तूफान की। इस तूफान की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह तूफान जापान के तट से टकराया था। बाद में इसकी रफ्तार 325 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इस तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इसने कई बड़े-बड़े भवनों तक को गिरा दिया था। इस तूफान के कारण जापान में 1,269 लोगों की मौत हुई और पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर तक की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
टाइफून सैली
सैली तूफान 3 सितंबर 1964 को पोनपा के पास उठा और पश्चिम की ओर बढ़ा। महज चार दिन में इसकी रफ्तार 314 किमी प्रति घंटे हो गई थी। सैली तूफान नौ सितंबर को फिलिपींस पहुंचा और वहां से 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 10 सितंबर को चीन पहुंच गया।
टाइफून किट
सबसे तेज रफ्तार से आने वाला टाइफून किट तीसरा तूफान था। यह तूफान 1966 में 314 किलोमीटर प्रति घंटे की आया था, लेकिन यह जमीन पर नहीं टकराया जिसकी वजह से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
भोला साइक्लोन
भोला साइक्लोन 1970 में बांग्लादेश में आया था, लेकिन इस तूफान की जानकारी किसी को नहीं थी। इस तूफान के नाम में भले ही भोला था लेकिन यह तूफान बेहद बेरहम था। इसकी रफ्तार करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटा थी। जमीन से टकराने के बाद इस तूफान से दस जिले प्रभावित हुए और पांच लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
टाइफून हैयान
हैयान तूफान को फिलिपींस में योलांडा भी कहा जाता है। माना जाता है कि यह अब तक का सबसे शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय तूफान है। इसकी रफ्तार 314 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह तूफान तीन नवंबर 2013 को आया था और 11 नवंबर तक इसका कहर जारी रहा। इस तूफान से फिलिपींस, वियतनाम और दक्षिण चीन में काफी नुकसान हुआ। इसके कारण 11,801 लोगों की मौत हुई और 68 करोड़ से अधिक अमेरिकी डॉलर की कीमत की संपत्ति का नुकसान हुआ।