पुणे जिले के अंबेगांव तालुका में बुधवार सुबह पांच तेंदुए के बच्चे एक गन्ने के खेत में जलकर मर गए। वन अधिकारियों के अनुसार तेंदुए उस समय जलकर मर गए जब किसान ने कूड़े में आग लगा दी क्योंकि उसे वहां एक सांप के होने का शक था।
तेंदुए के बच्चे केवल 10 दिनों के थे। वन अधिकारियों का कहना है कि किसान को शक हुआ कि कूड़े के ढेर में सांप है और इसलिए उसने उसमें आग लगाने का निर्णय लिया। किसान अमूमन गन्ने की कटाई से पहले कूड़े में आग लगा देते हैं।
वन अधिकारियों का मानना है कि बच्चों की मां उन्हें खेत में छोड़कर खाना ढूंढने के लिए चली गई थी। अंबेगाव के रेंज वन अधिकारी प्रजोत पाल्वे का कहना है कि इलाके में रात के लिए लोगों की तैनाती कर दी गई है क्योंकि तेंदुओं की मां अपने बच्चों की खोज में हिंसक रूप ले सकती है।
वन अधिकारियों का कहना है कि खेत में काम करने वाले मजदूर डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें मादा तेंदुए के हमले की आशंका है। घटते वन्य क्षेत्र की वजह से कई बार तेंदुए गन्ने के खेतों में आ जाते हैं। वनाधिकारियों का कहना है कि मादा तेंदुआ खेत में ही बच्चों को जन्म देती है और उनके बड़े होने पर उन्हें छोड़ देती है।
यदि उनके बड़े होने से पहले गन्ने की कटाई होती है तो कूड़े में लगी आग से उनकी मौत होने की संभावना बनी रहती है। इसी साल मार्च में तेंदुए के दो बच्चों को इसी क्षेत्र के गन्ने के खेतों से बचाया गया था।