भारत जल्द पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान (एफजीएफए) बना सकता है। ये विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्लांट में बन सकते हैं, जहां सुखाई युद्धक विमान बन रहे हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के प्रमुख टी सुवर्ण राजू ने कहा, अगर सरकार प्रस्तावित भारत-रूस के संयुक्त उद्यम को आगे बढ़ाने की अनुमति देती है, तो एफजीएफए बन सकते हैं।
राजू के मुताबिक नासिक के प्लांट में पांचवीं पीढ़ी के जेट बनाने के लिए उसे नया आकार देना होगा। पर इसमें ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होगी। दरअसल एफजीएफए और सुखोई 30एमकेआई की बनावट में काफी समानताएं हैं। इसलिए नासिक प्लांट एफजीएफए बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूस और भारत करीब एक दशक से इस विमान के निर्माण की चर्चा कर रहे हैं।
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राजू के मुताबिक जाहिर तौर पर नया विमान बनाने के लिए कुछ बदलाव करने होंगे। पर इसमें बहुत ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होगी। दरअसल नासिक का यह प्लांट 35 और विमान बनाने के बाद 2020 तक बेकार हो जाएगा क्योंकि भारतीय वायु सेना के साथ कुल 222 विमान बनाने का समझौता पूरा हो जाएगा। एफजीएफए की तारीफ करते हुए राजू ने कहा कि यह भारत के लिए उच्च तकनीक हासिल करने का बड़ा अवसर है क्योंकि रूस के अलावा किसी अन्य देश ने यह प्रस्ताव नहीं दिया। राजू के मुताबिक वह इस प्रोजेक्ट के खर्च को सही नहीं ठहरा रहे हैं। पर एक देश के रूप में हमें पांचवीं पीढ़ी के विमान की जरूरत है। और अगर कोई हमें यह तकनीक दे रहा है, तो हमें खर्च की परवाह न करते हुए उसे ग्रहण करना चाहिए।