पिछले वर्ष
उत्तर प्रदेश के शहरों की आबोहवा सबसे ज्यादा खराब रही। शीर्ष प्रदूषित शहरों में न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी रहा, बल्कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ का हाल भी खराब रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (
सीपीसीबी) द्वारा तैयार 13 शीर्ष प्रदूषित शहरों की सूची में उत्तर प्रदेश के पांच शहर शामिल हैं।
रैंकिंग के हिसाब से शीर्ष प्रदूषित शहर गाजियाबाद रहा। दूसरे स्थान पर गुरुग्राम, तीसरे पर कानपुर व चौथे पायदान पर दिल्ली रही।
सूची में लखनऊ, नोएडा, फरीदाबाद, अलवर और पटना भी शामिल हैं। सीपीसीबी ने पहली बार इन 13 शहरों को सालाना औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर रैंकिंग दी है। इन शहरों का औसत एक्यूआई 201 से 300 के बीच यानी खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। हालांकि इस सूची में किसी भी शहर को बहुत खराब व गंभीर श्रेणी में नहीं रखा गया।
मौसम के उतार-चढ़ाव से बिगड़ती है गुणवत्ता
सीपीसीबी के सदस्य सचिव ए. सुधाकर ने बताया कि वायु गुणवत्ता खराब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मौसम का उतार-चढ़ाव है। वहीं सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी कह रहे हैं कि वायु की खराब गुणवत्ता की वजह स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर होने वाला प्रदूषण है।
शीर्ष 13 प्रदूषित शहरों की रैंकिंग क्रमवार
शहर एक्यूआई (201-300 खराब)
गाजियाबाद 258
गुरुग्राम 247
कानपुर 233
दिल्ली 228
लखनऊ 225
गया 222
मंडी गोबिंदगढ़ 216
नोएडा 216
पीथमपुर 214
वाराणसी 212
फरीदाबाद 210
अलवर 204
पटना 202