भारत की बेहतर स्वास्थ्य नीतियों को अब पूरी दुनिया अपनाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर भारत 19 अगस्त को गुजरात के गांधीनगर में पहले वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें डब्ल्यूएचओ की ओर से दुनिया के बाकी देशों के लिए रूपरेखा जारी की जाएगी, जिसे इसी साल भारत की अध्यक्षता में हुई तीन जी-20 स्वास्थ्य बैठकों में तैयार किया है।
डब्ल्यूएचओ की वैश्विक रूपरेखा में उन सभी देशों की तकनीकों को शामिल किया है, जिनके जरिए बड़ा बदलाव आया है। भारत ने कोरोना महामारी में टीकाकरण के लिए कोविन वेबसाइट, सार्वभौमिक टीकाकरण के लिए यूविन और दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के लिए जिन तकनीकों का इस्तेमाल किया है उन्हें भी इसमें शामिल किया है।
अपनी तरह की पहली वैश्विक पहल का उद्देश्य डेटा अभिसरण, स्वास्थ्य प्लेटफार्मों का इंटरफेस और दुनिया भर में डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण अंतरिम चिकित्सा प्रति उपाय (एमसीएम) लाने पर भी काम कर रहा है, जो अगले स्वास्थ्य आपातकाल से पहले नेटवर्क दृष्टिकोण का एक नेटवर्क है और भारत डब्ल्यूएचओ के सहयोग से दुनिया के बाकी देशों के लिए नेतृत्व कर रहा है।
17 से 19 अगस्त तक गुजरात में होगी पूरी दुनिया
भारत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अच्छा निवेश किया : डॉ. टेड्रोस
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जमकर तारीफ की। बुधवार को गुजरात पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद डॉ. टेड्रोस ने आदराज मोटी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अच्छा निवेश किया है। इसका फायदा कोरोना महामारी में भी देखने को मिला। उन्होंने भारत के कोविड प्रबंधन और टीकाकरण को लेकर भी खूब तारीफ की। उन्होंने कहा, “मेरी अपील है कि भारत की तरह दुनिया के सभी देशों को प्राथमिक स्वास्थ्य पर अच्छा निवेश करना चाहिए। मैं खुश हूं कि मुझे भारत आकर यह सब देखने का अवसर प्राप्त हुआ। भारत ने कोरोना महामारी के दौरान काफी बेहतर और प्रभावी जंग लड़ी है।